मनीष सिसोदिया के देश छोड़ने पर लग सकती है रोक:क्या है लुक आउट नोटिस, जिसके जारी होने पर बढ़ जाता है गिरफ्तारी का खतरा

दिल्ली एक्साइज स्कैम में आरोपी और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के खिलाफ CBI लुक आउट सर्कुलर यानी LOC जारी कर सकती हैं। इसमें सिसोदिया के साथ 15 और आरोपियों के नाम भी शामिल किए जा सकते हैं। नोटिस जारी होने के बाद ये लोग देश छोड़कर नहीं जा सकेंगे। साथ ही इन पर गिरफ्तारी की तलवार भी लटक रही है।

एक्सप्लेनर में आज हम बताएंगे कि क्या है लुक आउट सर्कुलर? इसे कब और कौन जारी करता है? क्या लुक आउट नोटिस जारी होने का मतलब गिरफ्तारी होना तय होता है?

सवाल 1 : सबसे पहले जानते हैं कि लुक आउट नोटिस क्या होता है?
लुक आउट सर्कुलर यानी LOC को लुक आउट नोटिस के नाम से भी जाना जाता है। लुक आउट सर्कुलर किसी भी व्यक्ति को विदेश यात्रा करने से रोकता है। इस नोटिस के जारी होने के बाद आरोपी के देश छोड़कर जाने पर पाबंदी लग जाती है।

लुक आउट नोटिस का इस्तेमाल इंटरनेशनल बॉर्डर जैसे- एयरपोर्ट, समुद्री क्षेत्र और बंदरगाहों पर इमिग्रेशन जांच के लिए किया जाता है। लुक आउट नोटिस जारी होने का मतलब है कि इमिग्रेशन अफसर ऐसे व्यक्ति को एयरपोर्ट पर ही रोक सकते हैं। या उन्हें हिरासत में ले सकते हैं।

पुलिस कुछ मामलों में देश के बाहर किसी व्यक्ति के जाने पर प्रतिबंध लगाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है। ऐसा तब होता है जब वह व्यक्ति संदिग्ध हो और इस बात की आशंका हो कि वह जांच में शामिल होने से बचना चाह रहा है।

सवाल 2 : लुक आउट नोटिस कौन जारी करता है?
लुक आउट नोटिस को ऑथोराइज्ड ऑफिसर ही जारी कर सकता है। डिप्टी सेक्रेटरी से नीचे का अफसर इसे जारी नहीं कर सकता। किसी राज्य में जॉइंट सेक्रेटरी से पद के नीचे का अधिकारी इसे नहीं जारी कर सकता है।

किसी जिले का कलेक्टर या SP, CBI या ED जैसी जांच और सिक्योरिटी एजेंसियों के डेजिगनेटेड अफसर के साथ ही इंटरपोल के डेजिगनेटेड अफसर भी इसे जारी कर सकते हैं। सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस और मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स में एडिशनल डायरेक्टर रैंक से नीचे का अधिकारी इसे नहीं जारी कर सकता है।

सवाल 3 : क्या सरकारी बैंकों के अफसर भी इसे जारी कर सकते हैं?
2018 में सरकार ने सरकारी बैंकों के प्रमुखों को अधिकार दिया कि वे सीधे विलफुल डिफॉल्टर्स के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी करने की मांग कर सकते हैं। यानी सरकारी बैंक के चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर, सीईओ रैंक के अफसर इसकी मांग कर सकते हैं।

सवाल 4 : क्या इस नोटिस को वापस लिया जा सकता है?
लुक आउट नोटिस को सिर्फ उसी अधिकारी के रिक्वेस्ट पर ही संशोधित या वापस लिया जा सकता है जिसकी रिक्वेस्ट पर इसे जारी किया गया था। लुक आउट नोटिस को कोर्ट में चैलेंज किया जा सकता है। यानी कोर्ट इसे रद्द भी कर सकता है और आरोपी को राहत दे सकता है।

सवाल 5 : क्या लुक आउट नोटिस जारी होने का मतलब गिरफ्तारी होना तय होता है?
यह जरूरी नहीं है। लुक आउट नोटिस कई प्रकार का होता है। अक्सर यह सिर्फ आरोपी को देश से बाहर यात्रा करने से रोकने या देश में आने से रोकने के लिए जारी किया जाता है। इसका मकसद ऐसे अपराधियाें के बारे में कंसर्न्ड जांच एजेंसियों को संबंधित अपराधी के बारे में सूचना देने से होता है।

इसके अलावा इसमें आरोपी व्यक्ति को स्थानीय पुलिस हिरासत में भी ले सकती है और कई मामलों में यह गिरफ्तारी भी हो सकती है।

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